घोड़ासहन: मोटर चोरी गिरोह का भंडाफोड़, नेपाल में बेची जाती थीं चोरी की सिंचाई मोटरें

घोड़ासहन (पूर्वी चंपारण): कुंडवा चैनपुर थाना पुलिस ने मोटर चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की 2 एचपी सिंचाई मोटर और बिजली का तार बरामद किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एक अन्य व्यक्ति के घर से भी चोरी की मोटर बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में चोरी की गई मोटरों को नेपाल में बेचे जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है।
घोड़ासहन: मोटर चोरी गिरोह का भंडाफोड़, नेपाल में बेची जाती थीं चोरी की सिंचाई मोटरें
घोड़ासहन में कुंडवा चैनपुर पुलिस ने मोटर चोरी गिरोह का खुलासा करते हुए दो चोरी की सिंचाई मोटर बरामद की।

घोड़ासहन (पूर्वी चंपारण)। घोड़ासहन प्रखंड के कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मोटर चोरी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को चोरी की सिंचाई मोटर और बिजली के तार के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति के घर छापेमारी कर एक और चोरी की मोटर बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी की गई मोटरों को नेपाल में बेचने का अवैध कारोबार किया जाता था।
कुंडवा चैनपुर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना क्षेत्र के बसंतपुर डेरा गाछी में एक युवक चोरी की मोटर छिपाकर रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम का गठन किया गया और तत्काल छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बसंतपुर निवासी इंद्रभूषण कुमार, पिता जितेंद्र महतो, को एक स्लेटी रंग की 2 एचपी सिंचाई मोटर तथा करीब 20 मीटर बिजली के तार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद सामान को अपने कब्जे में लेते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले भी उसने एक सिंचाई मोटर चोरी की थी, जिसे उसने अपने ही गांव के निवासी हरी साह, पिता रामसेवक शाह, को बेच दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हरी साह के घर पर भी छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वहां से एक और चोरी की सिंचाई मोटर बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और उसके अन्य साथी खेतों में लगे सिंचाई मोटरों को चोरी कर हरी साह को बेच देते थे। आरोप है कि हरी साह इन चोरी की मोटरों को नेपाल में बेचकर उनसे मोटी रकम कमाता था और चोरी करने वालों को उसका हिस्सा देता था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही बरामद दोनों सिंचाई मोटरों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें उनका सामान वापस दिलाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि सीमा से सटे इलाकों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को मोटर चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को चोरी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।