महुअवा SSB कैंप में दिखा भाई-बहन का अनोखा प्यार, जवानों की कलाई पर राखी बांध बहनों ने मांगी देश की सलामती
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के महुअवा स्थित SSB कैंप में रक्षाबंधन का पर्व कुछ अलग और भावुक अंदाज में मनाया गया। यहां एकल अभियान से जुड़ी छौड़ादानो प्रखंड की बड़ी संख्या में बच्चियां पहुंचीं और देश की सुरक्षा में तैनात एसएसबी जवानों को अपना भाई मानकर उनकी कलाई पर राखी बांधी।
राखी बांधते समय बच्चियों के चेहरों पर खुशी और जवानों के प्रति सम्मान साफ नजर आया। इस दौरान कैंप परिसर में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ देशभक्ति की भावना भी देखने को मिली। बच्चियों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और देश की रक्षा में सफलता की कामना की।
कार्यक्रम का आयोजन एकल अभियान के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर एसएसबी इंस्पेक्टर शिवनारायण, अभियान प्रमुख शिव जी चौधरी, सच प्रमुख अनिल जी, आचार्य संतोष कुमार, महेश सिंह, उमाशंकर ठाकुर, भोलेनाथ जी एवं निशा कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान एकल अभियान से जुड़ी बच्चियों ने एसएसबी जवानों को राखी बांधी और उन्हें अपना भाई मानते हुए देश की सुरक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं। बच्चियों के लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि जिन जवानों की कलाई पर उन्होंने राखी बांधी, वे अपने परिवार से दूर रहकर देश की सेवा और सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
बच्चियों ने जवान भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना की और कामना की कि वे हमेशा सुरक्षित रहें तथा देश की सेवा करते रहें। राखी बांधने के बाद जवानों ने भी बच्चियों के प्रति भाई का स्नेह जताया और उन्हें सुरक्षा एवं सहयोग का भरोसा दिलाया।
एसएसबी जवानों ने देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सर्वोच्च बताते हुए पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाने का संकल्प दोहराया। जवानों के इस भाव ने कार्यक्रम को और भी भावुक बना दिया।
महुअवा एसएसबी कैंप में आयोजित यह कार्यक्रम केवल रक्षाबंधन समारोह नहीं रहा, बल्कि इसने जवानों और आम लोगों के बीच भावनात्मक रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर भी पेश की। एक तरफ देश की सुरक्षा में तैनात जवान थे तो दूसरी तरफ उनके लिए राखी लेकर पहुंची छोटी-छोटी बहनें। खून का रिश्ता नहीं होने के बावजूद दोनों के बीच भाई-बहन जैसा अपनापन दिखाई दिया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें सुरक्षा और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। एक बहन जब अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो उसके पीछे सुरक्षा और विश्वास की भावना होती है। वहीं देश की रक्षा करने वाले जवान लाखों-करोड़ों देशवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर चलते हैं।
महुअवा एसएसबी कैंप का यह दृश्य इसी भावना को दर्शाता नजर आया। बच्चियों के हाथों से बंधी राखी जवानों के लिए सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि देश की बेटियों के प्यार, सम्मान और विश्वास का प्रतीक बनी।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर एकल अभियान की बच्चियों और एसएसबी जवानों के बीच बना यह भाई-बहन का रिश्ता कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रहा। बहनों ने राखी बांधकर जवान भाइयों की सलामती मांगी, वहीं जवानों ने देश और देश की बेटियों की सुरक्षा का भरोसा दिया।
महुअवा एसएसबी कैंप में मनाया गया यह रक्षाबंधन समारोह भाई-बहन के प्रेम के साथ राष्ट्रप्रेम और कर्तव्य की भावना का संदेश देकर संपन्न हुआ। राखी के धागे में बहनों का प्यार था, जवानों के संकल्प में देशभक्ति थी और इस पूरे आयोजन में भारत की उस भावना की झलक दिखी, जहां देश की रक्षा करने वाला हर जवान देश की हर बेटी का भाई है।
