आदापुर में SSB, बिहार पुलिस और कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 43 बोरी अवैध यूरिया जब्त
आदापुर/पूर्वी चंपारण। किसानों के लिए यूरिया खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बीच पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर थाना क्षेत्र से खाद के अवैध भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) मोतिहारी के समवाय बेलदरवामठ, स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक घर से 43 बोरी यूरिया खाद बरामद की है। बरामद यूरिया की कुल मात्रा लगभग 1,935 किलोग्राम बताई गई है।
यह कार्रवाई आदापुर थाना क्षेत्र के ग्राम औरैया (जमुनापुर) में की गई। SSB को अपने आसूचना तंत्र के माध्यम से सूचना मिली थी कि बद्रजोहा उर्फ कोठा नामक व्यक्ति द्वारा अपने घर में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद का अवैध रूप से भंडारण किया गया है। सूचना मिलने के बाद SSB की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
सूचना के बाद बनाई गई संयुक्त टीम
SSB के समवाय बेलदरवामठ द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी, आदापुर और आदापुर थाना प्रभारी से संपर्क किया गया। इसके बाद SSB, बिहार पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर ग्राम औरैया में संबंधित व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान घर में रखी यूरिया खाद की बोरियों को देखकर टीम ने उनकी जांच की। जांच के दौरान कुल 43 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई।
बताया गया है कि प्रत्येक बोरी में 45 किलोग्राम यूरिया थी। इस हिसाब से बरामद खाद की कुल मात्रा लगभग 1,935 किलोग्राम यानी करीब 1.93 टन है।
घर में इतनी मात्रा में खाद मिलने से उठे सवाल
किसानों को यूरिया खाद की जरूरत खेती के मौसम में सबसे अधिक होती है। ऐसे में एक निजी घर से इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया खाद बरामद होना कई सवाल खड़े करता है। खाद का यह स्टॉक किस माध्यम से वहां पहुंचा, इसे किस उद्देश्य से जमा किया गया था और क्या इसे किसानों को निर्धारित व्यवस्था से अलग बेचने की तैयारी थी—इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जरूरत है।
हालांकि, खाद के अवैध भंडारण के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल कृषि विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बरामद यूरिया को किया गया सुपुर्द
छापेमारी के बाद बरामद की गई 43 बोरी यूरिया खाद को प्रखंड कृषि पदाधिकारी, आदापुर के निर्देशानुसार विजय कुमार गुप्ता स्टोर को सुपुर्द कर दिया गया है। खाद की जब्ती के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
कृषि विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बरामद खाद को सुरक्षित रखना और उसके आगे के निस्तारण एवं उपयोग को विभागीय निर्देश के अनुसार सुनिश्चित करना बताया गया है।
कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक ने दर्ज कराई FIR
मामले में कृषि विभाग ने भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि समन्वयक सह-उर्वरक निरीक्षक मो. अनवर द्वारा आदापुर थाने में लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि बरामद यूरिया खाद कहां से लाई गई थी, इसके भंडारण से जुड़े दस्तावेज क्या थे और खाद को किस उद्देश्य से रखा गया था।
खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर
यूरिया खाद किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि सामग्री है। इसकी मांग बढ़ने के दौरान कई बार अवैध भंडारण, जमाखोरी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और कृषि विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आदापुर में हुई इस संयुक्त कार्रवाई को भी इसी दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। SSB की ओर से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग के साथ मिलकर की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सीमावर्ती इलाके में खाद के अवैध भंडारण को लेकर संबंधित एजेंसियां निगरानी कर रही हैं।
फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस और कृषि विभाग की जांच आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद यूरिया खाद के स्रोत और इसके भंडारण के पीछे की पूरी कहानी क्या है।
AGM FIRST की नजर:
किसानों के हिस्से की खाद अगर अवैध तरीके से कहीं जमा की जाती है या उसकी कालाबाजारी की कोशिश होती है, तो इसका सीधा असर खेत और किसान दोनों पर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के साथ यह भी जरूरी है कि जांच के दौरान खाद के स्रोत से लेकर संभावित खरीदारों और वितरण नेटवर्क तक की कड़ियों को सामने लाया जाए।
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