मोतिहारी में जनजातीय महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व संरक्षण पर सेमिनार, डीएम सौरभ सुमन यादव ने किया उद्घाटन

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी में शनिवार, 26 सितंबर 2026 को जनजातीय महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, भा.प्र.से. ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। […]

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी में शनिवार, 26 सितंबर 2026 को जनजातीय महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, भा.प्र.से. ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने सेमिनार में मौजूद पदाधिकारियों, विशेषज्ञों और वक्ताओं का स्वागत किया। इसके बाद जनजातीय समुदाय की महिलाओं और बच्चों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्य परिचर्चा सत्र शुरू हुआ।

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स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव पर हुई चर्चा

सेमिनार में डॉ. सुरूचि स्मृति, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल मोतिहारी ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जनजातीय महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

उन्होंने विभिन्न बीमारियों के लक्षण, उपचार और रोकथाम पर चर्चा करते हुए सिकल सेल एनीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी जनजातीय समुदाय के लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

वहीं डॉ. अमृतांशु कुमार ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने पारंपरिक खान-पान का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व में गर्भवती महिलाओं को मड़ुआ और कोदो जैसे अनाज दिए जाते थे, जिनसे कैल्शियम और आयरन की पूर्ति होती थी।

शिक्षा को बताया विकास का महत्वपूर्ण आधार

डॉ. मनीषा रानी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी ने शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ग्रहण कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके उद्देश्य को जीवन में अपनाना भी जरूरी है।

उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उनके अनुसार जानकारी के अभाव में कई लोग आभा कार्ड, आयुष्मान कार्ड और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई गई।

डॉ. श्याम नन्दन, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी ने भी शिक्षा को सामाजिक समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने जनजातीय समुदाय को अपनी संस्कृति का संरक्षण करते हुए सरकारी योजनाओं से जुड़कर विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के लिए प्रौढ़ शिक्षा की व्यवस्था किए जाने का सुझाव भी दिया, ताकि आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके।

क्षेत्रीय भाषा में समझाई गईं सामाजिक समस्याएं

प्रो. मंजरी वर्मा, सेवानिवृत्त अध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग एवं एलएस कॉलेज, मुजफ्फरपुर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, नेतृत्व और संरक्षण जैसे विषयों को क्षेत्रीय भाषा में सरल तरीके से समझाया।

उन्होंने बाल विवाह, अशिक्षा, कुपोषण और गंभीर बीमारियों जैसी सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों से बचाव के उपायों पर चर्चा की।

वहीं प्रो. रविन्द्र कुमार वर्मा रवि, सेवानिवृत्त कुलपति, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, बिहार ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के वंचित लोगों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाना है। उन्होंने नुक्कड़ नाटक और विज्ञापन जैसे माध्यमों से जागरूकता बढ़ाने तथा प्रशासन और जनजातीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया।

समस्याओं को लेकर हुआ संवाद

सेमिनार के अंत में संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें जनजातीय समुदाय के लोगों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान को लेकर सुझाव लिए गए। जिला कल्याण पदाधिकारी संतोष कुमार पाण्डेय ने भी विभिन्न विषयों पर आवश्यक सुझाव दिए।

कार्यक्रम का समापन फीडबैक प्राप्त करने और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

सेमिनार में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार गोंड, युवा खरवार महासंघ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, विभिन्न प्रखंडों के कल्याण पदाधिकारी, जनजातीय समुदाय के महिला-पुरुष तथा विकास मित्र सहित अन्य पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

AGM FIRST के लिए मोतिहारी से रिपोर्ट।