पकड़ीदयाल थाना में शुरू हुआ चाइल्ड हेल्प डेस्क, बच्चों को मिलेगा त्वरित संरक्षण

पकड़ीदयाल थाना परिसर में चाइल्ड हेल्प डेस्क/चाइल्ड कॉर्नर की शुरुआत की गई है। बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता, संरक्षण और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर में बच्चों की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनी जाएंगी और जरूरत पड़ने पर बाल संरक्षण पदाधिकारियों के सहयोग से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पकड़ीदयाल थाना में शुरू हुआ चाइल्ड हेल्प डेस्क, बच्चों को मिलेगा त्वरित संरक्षण
पकड़ीदयाल थाना में चाइल्ड हेल्प डेस्क की शुरुआत, बच्चों को मिलेगा सुरक्षित और सहज वातावरण।

पकड़ीदयाल। बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित सहायता, संरक्षण और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने की दिशा में पकड़ीदयाल थाना परिसर में चाइल्ड हेल्प डेस्क/चाइल्ड कॉर्नर की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस थाने में आने वाले बच्चों को सहज, सुरक्षित और बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के अपनी समस्या पुलिस के समक्ष रख सकें।

थाना परिसर में बनाए गए इस चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर को विशेष रूप से बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। बच्चों से जुड़ी शिकायतों, समस्याओं और सुरक्षा से संबंधित मामलों को यहां संवेदनशीलता के साथ सुना जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग और बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारियों के समन्वय से बच्चों को तत्काल सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों से संबंधित मामलों में सामान्य पुलिसिंग के बजाय संवेदनशील और बाल-मित्र व्यवहार बेहद जरूरी है। कई बार बच्चे किसी घटना की जानकारी देने या शिकायत करने में संकोच करते हैं। थाना परिसर में चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था होने से बच्चों के लिए अपनी बात रखने का एक सुरक्षित और सहज माध्यम उपलब्ध होगा।

चाइल्ड हेल्प डेस्क के माध्यम से बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की जानकारी लेने, शिकायत दर्ज कराने तथा आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई करने में भी सुविधा होगी। बाल संरक्षण पदाधिकारी के साथ बच्चों की शिकायतों की सुनवाई और आवश्यक समन्वय की व्यवस्था भी की जा रही है।

इस व्यवस्था के तहत बच्चों के साथ पुलिस कर्मियों के व्यवहार को भी बाल-मित्र बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों से पूछताछ अथवा उनकी शिकायत सुनते समय उनकी उम्र, मानसिक स्थिति और परिस्थिति का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी यानी CWPO (Child Welfare Police Officer) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है।

जिले के सभी थानों में पुलिस व्यवस्था को अधिक Child Friendly बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क अथवा चाइल्ड कॉर्नर की व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही सभी थानों में CWPO (बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी) की नियुक्ति किए जाने की दिशा में भी कार्य चल रहा है।

पुलिस व्यवस्था में इस तरह की पहल से बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में संवेदनशीलता और तत्परता बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे बच्चे जो किसी अपराध, हिंसा, शोषण, गुमशुदगी या अन्य परेशानी का सामना कर रहे हों, उनके लिए थाना परिसर में अलग और सुरक्षित स्थान उपलब्ध होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चाइल्ड हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायत सुनना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को उचित संरक्षण और सहायता तक पहुंचाना भी है। इसके लिए पुलिस, बाल संरक्षण से जुड़े पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

पकड़ीदयाल थाना में शुरू की गई यह व्यवस्था पुलिस और बच्चों के बीच भरोसे का माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में जिले के अन्य थानों में भी ऐसी व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी बच्चे को अपनी समस्या लेकर पुलिस तक पहुंचने में डर या असहजता महसूस न हो।

इस पहल के माध्यम से पुलिस प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को तत्काल सहायता, संरक्षण और संबंधित बाल कल्याण व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जाएगा। आपको क्या लगता है इस कार्य से पुलिस प्रशासन में सुधार होगी