मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाओं पर हुई समीक्षा

पूर्वी चंपारण में मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सांसद राधामोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ब्लैक स्पॉट, सड़क दुर्घटनाओं और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाओं पर हुई समीक्षा
मोतिहारी में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ समीक्षा करते सांसद राधामोहन सिंह।

मोतिहारी। मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक 24 सितंबर 2026 को जिला परिवहन कार्यालय, पूर्वी चंपारण में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्वी चंपारण के सांसद राधामोहन सिंह ने की। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं सुधार, सड़क सुरक्षा मानकों के पालन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।

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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर

मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सड़क निर्माण एवं रखरखाव से जुड़े विभागों को सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में दुर्घटनाओं और घातक घटनाओं में कमी लाने के लिए विशिष्ट लक्ष्यों के साथ जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

ब्लैक स्पॉट की होगी समीक्षा

बैठक में जिले के ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना प्रवण क्षेत्रों पर विशेष चर्चा की गई। प्रोटोकॉल के अनुसार ब्लैक स्पॉट की पहचान तथा वहां सुधार से संबंधित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।

संबंधित सड़क विभाग के अधिकारियों और थाना प्रभारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे निरीक्षण के बाद आगामी बैठक में दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।

इस दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि चिन्हित दुर्घटना स्थलों पर आवश्यक सुधार समय पर किए जा सकें।

गुड सेमेरिटन यानी राह वीरों की बनेगी सूची

बैठक में सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन यानी राह वीरों को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया।

जिले के सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी सूची उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलने से उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

सड़क सुरक्षा अभियान को बढ़ावा देने पर चर्चा

बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर आवश्यक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

सड़क सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और आवश्यक सुधार पर भी अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया।

बैठक में ये रहे मौजूद

मोतिहारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार, हरसिद्धि के विधायक कृष्णानंद पासवान, मधुबन के विधायक राणा रणधीर, कल्याणपुर के विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह, पिपरा के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव तथा मोतिहारी नगर निगम के डिप्टी मेयर लालबाबू प्रसाद गुप्ता उपस्थित रहे।

इसके अलावा पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, अपर समाहर्ता पूर्वी चंपारण मुकेश कुमार सिन्हा और जिला परिवहन पदाधिकारी निवेदिता सहित NHAI, NH, RCD और PWD के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं अभियंता तथा संबंधित थानों के थाना प्रभारी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक में अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन कराने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से ब्लैक स्पॉट की पहचान, स्थल निरीक्षण, सड़क सुरक्षा मानकों का पालन और गुड सेमेरिटन की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सड़क सुरक्षा कार्ययोजना को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया।