एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पुलिस लाइन में QRT, बज्र एवं दंगा बल का एंटी रॉयट मॉक ड्रिल अभ्यास संपन्न
मोतिहारी: जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पुलिस लाइन में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), बज्र (Vajra) एवं दंगा बल द्वारा एंटी रॉयट (Anti-Riot) मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास में पुलिस बल के जवानों ने दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली रणनीतियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को विभिन्न काल्पनिक परिस्थितियों का सामना करने का अभ्यास कराया गया। इसमें अचानक उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की चुनौती, उग्र भीड़ को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, बल के समन्वित संचालन तथा त्वरित कार्रवाई की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने जवानों को बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति में संयम, अनुशासन और त्वरित निर्णय पुलिस की सबसे बड़ी ताकत होती है।
अभ्यास के दौरान दंगा नियंत्रण में उपयोग किए जाने वाले हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, ढाल, लाठी, सुरक्षा किट और अन्य आवश्यक उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी भी दी गई। साथ ही जवानों को यह भी समझाया गया कि किसी भी कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानून के दायरे में रहकर कार्य करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों की गतिविधियों का निरीक्षण किया और विभिन्न परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का पूरी तरह प्रशिक्षित और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है। नियमित मॉक ड्रिल और अभ्यास से पुलिसकर्मियों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन और दंगा नियंत्रण के दौरान पुलिस का व्यवहार संयमित, संतुलित और पेशेवर होना चाहिए। किसी भी संवेदनशील परिस्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय ही स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि पुलिस बल की कार्यकुशलता लगातार बेहतर होती रहे।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की ऑपरेशनल तैयारी, आपसी समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता तथा संकट की घड़ी में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। इस तरह के अभ्यास से जवानों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।
पुलिस विभाग का मानना है कि बदलते समय में कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी लगातार बदल रही हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीकों, बेहतर प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास के माध्यम से पुलिस बल को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। इसी दिशा में आयोजित यह एंटी रॉयट मॉक ड्रिल पुलिस की तैयारी को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
इस अभ्यास के सफल आयोजन से यह स्पष्ट संदेश भी गया कि जिला पुलिस किसी भी आपात स्थिति, भीड़ नियंत्रण या कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर पुलिस बल की दक्षता और पेशेवर क्षमता को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
