रामगढ़वा प्रखंड के एनपीएस विशंभरपुर विद्यालय में बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। विद्यालय में बाउंड्री वॉल, किचन शेड और अतिरिक्त कक्षों की मांग वर्षों से लंबित है।
रामगढ़वा (पूर्वी चंपारण)। रामगढ़वा प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय (एनपीएस) विशंभरपुर में शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में कुल 205 बच्चों का नामांकन है, जिनमें 191 बच्चों का आधार सत्यापन हो चुका है। निरीक्षण के दौरान 171 बच्चे उपस्थित पाए गए।
विद्यालय में 8 शिक्षक पदस्थापित हैं और सभी शिक्षक उपस्थित मिले। इनमें 3 महिला एवं 5 पुरुष शिक्षक शामिल हैं। प्रधान शिक्षिका बेबी कुमारी के अलावा शिक्षक अरसे आलम, मोहम्मद एजाज, मुन्तजिर अहमद, पवन कुमार चौधरी, अप्सरा प्रवीण, संदीप कुमार ठाकुर एवं रीता कुमारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी समस्या बच्चों के बैठने की व्यवस्था को लेकर सामने आई। विद्यालय में बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे त्रिपाल बिछाकर जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं, विद्यालय में पर्याप्त क्लासरूम भी नहीं हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।

विद्यालय में किचन शेड नहीं होने के कारण मिड-डे मील का भोजन खुले में त्रिपाल लगाकर तैयार किया जाता है। बरसात और तेज धूप के दौरान भोजन बनाने में रसोइयों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में मीना देवी और रवैया खातून भोजन बनाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। बताया गया कि तीसरी रसोईया सुनैना देवी का हाल ही में निधन हो गया, जिसके बाद दोनों रसोइयों पर अतिरिक्त कार्यभार आ गया है।
विद्यालय परिसर में बना शौचालय भी अधूरा पड़ा हुआ है और आज तक चालू नहीं हो सका है। इस संबंध में पूछने पर प्रधान शिक्षिका बेबी कुमारी ने बताया कि ठेकेदार अधूरा निर्माण कर छोड़कर चला गया, जिसके कारण बच्चों और शिक्षकों को शौचालय की सुविधा नहीं मिल रही है।

विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था भी चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय के ठीक बगल में एक पोखर है, लेकिन चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) नहीं होने के कारण छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कक्षा 1 से 5 तक के छोटे बच्चे कभी भी खेलते-खेलते पोखर की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा विद्यालय परिसर में जहरीले जीव-जंतुओं के आने का भी खतरा बना रहता है।
विद्यालय से जुड़े टोला सेवक सह तालिमी मरकज मोहम्मद समीउल्लाह अंसारी ने भी विद्यालय में बाउंड्री वॉल, अतिरिक्त क्लासरूम, बेंच-डेस्क और किचन शेड के निर्माण की मांग की। निरीक्षण के दौरान कक्षा 3 के छात्र इबरार और छात्रा आदिया सहित कई बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए।
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष, बेंच-डेस्क, किचन शेड, अधूरे शौचालय का निर्माण पूरा कराने तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
