मोतिहारी में भीम आर्मी का विशाल न्याय मार्च: दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग, 24 घंटे में गिरफ्तारी का एसपी का आश्वासन
मोतिहारी |पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने और मुख्य आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के बैनर तले विशाल “न्याय मार्च” निकाला गया। इस मार्च में जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया।
न्याय मार्च की शुरुआत बलुआ चौक से हुई। वहां से जुलूस राजा बाजार, अंबेडकर चौक सहित शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। पूरे मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “रेपिस्ट को फांसी दो”, “पीड़िता को न्याय दो”, “मोतिहारी पुलिस मुर्दाबाद”, “मोतिहारी प्रशासन मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
इस आंदोलन का नेतृत्व भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान कर रहे थे। उनके साथ मानवाधिकार एक्टिविस्ट परसनाथ अंबेडकर, जिला अध्यक्ष संतोष मोहन देव सहित संगठन के कई कार्यकर्ता और जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोग मौजूद रहे।
क्या है मामला?
राजेपुर थाना क्षेत्र के मनियारपुर स्थित एक निजी विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसी प्रकरण में आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर भीम आर्मी ने न्याय मार्च का आयोजन किया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे मामले में यदि किसी पुलिस अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी ने लापरवाही बरती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी।
आरोपी को कड़ी कानूनी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए।
पकड़ीदयाल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को बर्खास्त किया जाए।
महिला थाना प्रभारी को पद से हटाकर विभागीय कार्रवाई की जाए।
मामले को दबाने का प्रयास करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जाए।
पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
मेडिकल बोर्ड से दोबारा चिकित्सीय जांच कराई जाए।
संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
समाहरणालय के पास पुलिस ने रोका मार्च
जब न्याय मार्च समाहरणालय के समीप पहुंचा तो पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ देर तक पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता हुई। बाद में एसडीओ मोतिहारी के हस्तक्षेप के बाद सहमति बनी कि संगठन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात करेगा।
एसपी को सौंपा गया ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी सभी मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास तेज किया जाएगा तथा मामले में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विद्यालय के विरुद्ध भी जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमर ज्योति पासवान ने क्या कहा?
प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता है तो भीम आर्मी पूरे बिहार में आंदोलन को और तेज करेगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे पदाधिकारी और कार्यकर्ता
न्याय मार्च में संतोष मोहन देव (जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी मोतिहारी), विद्या नंद राम, किरण राम, विनय पासवान, शिवजी पासवान, अभिषेक बैठा, विजय कुमार, गोपाल कुमार, ललन पासवान, रंजन कुमार, विकास पासवान, बिट्टू रावण, रघुवीर चंद्र मौर्या, समीर खान, जय प्रकाश कुमार, चांदसी राम, कृष्ण राम, विनय सहनी एवं कुंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
आगे की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता है तो भीम आर्मी आगामी दिनों में और बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

निष्कर्ष
मोतिहारी में निकला यह न्याय मार्च जिले के हाल के प्रमुख जन आंदोलनों में से एक रहा, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि पुलिस अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई करेगी और पीड़िता को न्याय मिलेगा।
(नोट: इस रिपोर्ट में दुष्कर्म संबंधी आरोप एफआईआर, आंदोलनकारियों के बयानों और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानूनन दोषी नहीं माना जाता।)**
