मोतिहारी: डीएम सौरभ सुमन यादव ने डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, ऑनलाइन UPSC कोर्स व पुस्तकों की व्यवस्था के निर्देश

मोतिहारी: पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सोमवार (27 जुलाई 2026) को चाँदमारी स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास संख्या-01 एवं 02 का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की साफ-सफाई, छात्र सुविधाओं और छात्रों की समस्याओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मोतिहारी: डीएम सौरभ सुमन यादव ने डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, ऑनलाइन UPSC कोर्स व पुस्तकों की व्यवस्था के निर्देश
मोतिहारी के चाँदमारी स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास के निरीक्षण के दौरान छात्रों से संवाद करते जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव।

मोतिहारी, 27 जुलाई 2026। पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सोमवार को चाँदमारी स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास संख्या-01 एवं 02 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास की साफ-सफाई, सुरक्षा, अध्ययन व्यवस्था और छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

डीएम सौरभ सुमन यादव ने किया डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का निरीक्षण
डीएम सौरभ सुमन यादव ने किया डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास परिसर का भ्रमण करते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया, वहीं जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने का केंद्र है। ऐसे में यहां पढ़ाई का अनुकूल वातावरण, स्वच्छता, सुरक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने छात्रावास में रह रहे छात्रों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोर्स, पुस्तकालय में नवीन पुस्तकों की उपलब्धता, अध्ययन सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की मांग रखी। छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण को निर्देश दिया कि छात्रावास में ऑनलाइन UPSC कोर्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित आवश्यक पुस्तकें, संदर्भ सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।

डीएम सौरभ सुमन यादव ने किया डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का निरीक्षण
डीएम सौरभ सुमन यादव ने किया डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास का निरीक्षण

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहकर पूरी लगन से पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी एवं छात्रावास समन्वयक को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से छात्रावास का निरीक्षण करें तथा छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से सभी सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखी जाएगी।

इस अवसर पर छात्रावास परिसर में निर्माणाधीन 100-आसन क्षमता वाले नए छात्रावास भवन का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का शेष कार्य शीघ्र पूरा कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसका हस्तांतरण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को आवासीय सुविधा का लाभ मिल सके।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, सहायक समाहर्ता राजकृष्ण झा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (सदर) जितेंद्र कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (कोटवा) आनंद मोहन बिहारी सहित संबंधित अधिकारी एवं छात्र उपस्थित रहे।

यह निरीक्षण छात्रावासों में शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।