बाढ़ के दौरान NCD रोगियों की देखभाल हेतु स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न

पूर्वी चम्पारण में मानसून बाढ़ के दौरान असंक्रामक रोग (NCD) से पीड़ित मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से FUSION परियोजना के तहत स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य प्रबंधकों, फार्मासिस्टों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को आपदा के समय NCD मरीजों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया गया।
बाढ़ के दौरान NCD रोगियों की देखभाल हेतु स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न
पूर्वी चम्पारण में FUSION परियोजना के तहत बाढ़ के दौरान NCD मरीजों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

पूर्वी चम्पारण, 29 जुलाई 2026: मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति में असंक्रामक रोग (NCD) से पीड़ित मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से FUSION परियोजना के अंतर्गत पूर्वी चम्पारण जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के चार विकास खंडों के चिकित्सा पदाधिकारी (MO), ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM), फार्मासिस्ट तथा ब्लॉक सामुदायिक प्रबंधक (BCM) सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों की नियमित चिकित्सा सेवाओं को बाधित होने से बचाना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. एस. एन. सत्यार्थी ने किया। इस अवसर पर जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री नंदन झा भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ के दौरान NCD मरीजों तक दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है, इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्व प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।

प्रशिक्षण का संचालन डॉ. रविकांत सिंह, अधिकारी प्रभारी, HBCHRC, मुजफ्फरपुर ने राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS), बिहार के सहयोग से किया। प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन, मरीजों की निरंतर दवा उपलब्धता, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और प्राथमिक उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों में WHO की राज्य NCD परामर्शदात्री डॉ. तुलिका सिंह, SCTIMST तिरुवनंतपुरम की डॉ. श्रीजिनी, HBCHRC मुजफ्फरपुर के डॉ. निशांत कुमार, महावीर कैंसर संस्थान पटना के डॉ. अभिनव कुमार तथा राज्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदात्री डॉ. प्रीति बाजपेई शामिल रहीं।

अधिकारियों ने बताया कि FUSION परियोजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (NIHR), यूनाइटेड किंगडम द्वारा वित्त-पोषित एक शोध परियोजना है। इसका उद्देश्य उत्तर बिहार के पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों में मानसून बाढ़ के दौरान असंक्रामक रोगियों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

यह परियोजना HBCHRC, मुजफ्फरपुर (टाटा मेमोरियल सेंटर) तथा राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। बिहार में इस परियोजना का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत कर रही हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्य कर्मियों की आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी और बाढ़ के दौरान भी मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।