आदापुर थाना से आरोपी फरार, सभी पुलिसकर्मी होंगे निलंबित? DIG हरिकिशोर राय Action में !
आदापुर। पूर्वी चंपारण के आदापुर थाना से चोरी के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शौच जाने की बात कही और इसी दौरान पुलिस को चकमा देकर थाना से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब आदापुर थाना की कार्यप्रणाली को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। तत्कालीन थाना अध्यक्ष पूजा कुमारी को FIR दर्ज नहीं करने और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जांच के बाद DIG, बेतिया रेंज हरिकिशोर राय द्वारा निलंबित किया गया था। इसके बाद बंजरिया थाना से रूपम कुमारी को आदापुर की नई थाना अध्यक्ष बनाए जाने की सूचना पुलिस विभाग की ओर से जारी की गई थी।
चोरी के मामले में पकड़ा गया था आरोपी
जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त 2026 की रात आदापुर मार्केट की गली नंबर-1 में चोरी की घटना सामने आई थी। CCTV फुटेज में दो संदिग्धों के पहुंचने की बात सामने आई। घटना की सूचना Dial 112 के माध्यम से पुलिस को दी गई थी।
इसके बाद दुकानदार और ग्रामीणों ने अपने स्तर से CCTV फुटेज खंगाली। ग्रामीणों और दुकानदारों की सूझबूझ से एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया और उसे पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी की पहचान जुनैद अंसारी, निवासी जमुनापुर, थाना आदापुर के रूप में हुई थी। मामले में दूसरे आरोपी के रूप में पिंटू राय का नाम सामने आया था।
थाना से कैसे फरार हुआ आरोपी?
आरोपी को आदापुर थाना लाए जाने के बाद वह पुलिस की निगरानी में था। बताया जा रहा है कि उसने सुबह शौच जाने की बात कही। इसी दौरान वह थाना परिसर से बाहर निकल गया और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
अब इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी को शौच के लिए बाहर जाने की अनुमति किसने दी? क्या थाना या हाजत में शौचालय की व्यवस्था थी? अगर शौचालय था तो आरोपी को बाहर क्यों ले जाया गया? उसके साथ कोई पुलिसकर्मी या चौकीदार मौजूद था या नहीं? आरोपी के बाहर जाने की रजिस्टर में एंट्री की गई थी या नहीं?
इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
CCTV और ड्यूटी रोस्टर पर भी सवाल
घटना के समय थाना परिसर में लगे CCTV कैमरे की स्थिति की भी जांच की मांग उठ रही है। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आरोपी किस रास्ते से बाहर निकला और उस समय कौन-कौन पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे।
ड्यूटी रोस्टर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई कि थाना परिसर में ड्यूटी रोस्टर अपडेट नहीं था। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के संबंध में पूछे जाने पर ड्यूटी रजिस्टर का सहारा लिया गया। बाद में SI पंकज कुमार ने OD पदाधिकारी के रूप में अपनी ड्यूटी की जानकारी दी।
ऐसे में यह जांच का विषय है कि आरोपी के फरार होने के समय वास्तविक रूप से कौन-कौन पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
आरोपी के थाना से फरार होने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा है। लोगों का कहना है कि CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, ड्यूटी रोस्टर और थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच होनी चाहिए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आरोपी को थाना से बाहर जाने की अनुमति किसने दी और उसके फरार होने के दौरान किस स्तर पर लापरवाही हुई।
यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी या चौकीदार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी को कब तक गिरफ्तार करती है और जांच के बाद इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
